*घरघोड़ा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन — शताब्दी वर्ष पर उमड़ा जनसैलाब, गूंजे राष्ट्रभक्ति के नारे*
घरघोड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को घरघोड़ा नगर में ऐतिहासिक और भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। यह संचलन हाई स्कूल मैदान से प्रारंभ होकर जय स्तंभ चौक तक निकाला गया।
सैकड़ों स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश—सफेद शर्ट, खाकी पैंट और काली टोपी—में अनुशासित पंक्ति में कदमताल करते हुए आगे बढ़े। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “जय श्रीराम” के नारों से पूरा नगर गूंज उठा। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया, जिससे वातावरण में अद्भुत ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति की भावना भर गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सी. पी. नायक उपस्थित रहे, जबकि विभाग कार्यवाहक एवं मुख्य वक्ता भाई बंजन बेहरा ने संघ की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. हेडगेवार जी के उस विचार से हुई थी जिसमें उन्होंने बिखरे हुए हिंदू समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया था। विजयादशमी के दिन स्थापित संघ का उद्देश्य समाज में अनुशासन, सेवा और संगठन की भावना जागृत करना रहा है।”
भाई बंजन बेहरा ने कहा कि “शताब्दी वर्ष का यह अवसर प्रत्येक स्वयंसेवक के लिए गौरव और आत्मचिंतन का क्षण है। संघ परिवार को सशक्त बनाना, अपने सगे-संबंधियों, मित्रों और समाज के हर वर्ग को जोड़ना हमारा दायित्व है। हमें ‘बाली-सुग्रीव’ की तरह आपस में नहीं लड़ना चाहिए, बल्कि संगठित होकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटना चाहिए। संगठन ही शक्ति है और यही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है।”
इस अवसर पर भूपेश वैष्णव, रामफल राठिया (खंड कार्यवाहक), जगमोहन केशरी, मनबोध पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, संघ पदाधिकारी एवं सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे। घरघोड़ा और आसपास के ग्रामों से आए स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियों ने नगरवासियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का समापन जय स्तंभ चौक में संघ गीत, प्रार्थना और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। वक्ताओं ने इस अवसर पर “एक संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण का संकल्प लिया। पथ संचलन ने नगर में नई ऊर्जा, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया।
उक्त जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता श्याम भोजवानी ने दी।